C.H Shah and Anr. v. Rajesh Kumar
Case brief
What is this about?
न्यायालय पीठ, जयपुर आदशे एकलपीठ दांिडक िविवध…
What the court decided
A compact analysis
This page shows the compact analysis of this judgement. The full analysis — procedural history, issue-by-issue holdings with ratio and obiter, advocates, and paragraph-level evidence for every claim — is being added to the record in batches and will appear here when this judgement has been through it.
राजस्थान उ्च न्यायालय पीठ, जयपुर
आदशे
एकलपीठ दांिडक िविवध यािचका संख्या 443/2005 सी.एच.शाह व अन्य बनाम राजेश कुमार
िदनांक – 4.4.2014
माननीय नयायािधपित र् ी महॿ ेश चनर् शमा९
रॿी अजीत कुमार भण्डारी, अिधव्व ा र९ाथ�गण। रॿी महेन्र९ गोयल, अिधव्व ा िवप्षी।
र९ाथ�गण की ओर से यह दांिडक िविवध यािचका अन्तगर्त धारा 482 दण्ड र९िरढ़या संिहता र९स्तुत की गयी है, िजसके अन्तगर्त अपर मुख्य न्याियक मिजस्रय़ेट, संख्या 2, अलवर �ारा पािरत आदेश िदनांक 6.1.2005 को अपास्त िकये जाने की र९ाथर्ना की गयी है एवं उ्व न्यायालय के सम्ष लंिबत र९करण की कायर्वाही को अपास्त िकये जाने की र९ाथर्ना की गयी है।
मैन� उभयप्ष के िव�ान अिधव्व ागण को सुना। आ्षेिपत आदेश एवं यािचका म� अंिकत तथ्य� का ध्यानपूवर्क अवलोकन िकया।
न्यायिहत म� र९ाथ�गण को िवचारण न्यायालय के सम्ष आरोप बहस से पूवर् अपनी आपि�यां उठाने की स्वतंर७ता र९दान की जाती है एवं िवचारण न्यायालय को िनद�श िदया जाता है िक यिद र९ाथ�गण उनके सम्ष ऐसी आपि�यां उठाव� तो वे पहले उनका िनस्तारण करे तत्प�ात मामले म� आगे कायर्वाही करे।
र९ाथ�गण की ओर से र९स्तुत इस दािण्डक िविवध यािचका का िनस्तारण उपरो्व ानुसार िकया जाता है। न्यायालय �ारा पािरत स्थगन आदेश को िनरस्त करते हुए यािचका के साथ संल्ि र९ाथर्नापर७ िनरस्त िकया जाता है।
Issues for consideration
1 issue framed by the court
Kya अपर मुख्य न्यायाधीश मिस्रट अधिसूचना संख्या 2, अलवर कार्यवाही को रद्द करने और न्यायालय की संघर्ष इकाइयों के समक्ष कार्यवाही को रद्द करने का आदेश धारा 482 CrPC तहत रद्द किया गया है?
Parties & counsel
- petitioner
सं.एच. शर्मा और अन्य
- respondent
राजेश कुमार
Coram
महोदय पति महेश चन्द्र शर्मा
Case details
As recorded by the court registry
- Court
- Rajasthan HC
- Decided on
- · April
- Registered
- Case no.
- CRLMP/443/2005
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