“प्ऴावली का अवलोकन िकया गया। प्ऴावली के अवलोकन से यह ्ऺतीत होता है िक पिरवादी राजवीर िसंह एवं अ�य की ओर से अिभयु्व ा और सह-अिभयु्व गण के िव�्ष यह आरोप लगाया गण ने पिरवादी राजवीर िसंह से िमलाया िफर गया िक अिभयु्व िदनांक 17.5.2011 को रात को खेत म� गढा धन िनकालने कहा तथा उ�होन� एक िम्टी का बतर्न िनकालने और पिरवादी राजवीर गण की सोची िसंह को िदया िजसम� �वैलरी िनकली, जो अिभयु्व समझी सािजश का �प था। शंकर और सपना पिरवादी राजवीर िसंह के िनवास के पास रहते ह�, िज�होन� उससे खेत व मकान की िम्टी चैक करवाने को कहा िजससे उसके िदमाग म� अ�थायी�व उ�प�न हो गया तथा नागौर िजले के मारौठ के भै�जी के मंिदर के पास पहाड के सहारे की जमीन पर पहुंचे जहां से अिभयु्व गण ्षारा अपने सुिनयोिजत तरीके से जमीन को खोदकर सोने की ईट व चांदी के िसक्के िनकाले िजनम� से दो गण ने पिरवादी को िदये जो असली िनकले, यह िसक्के अिभयु्व गण ने भी उनकी सोची समझी चाल थी िफर अिभयु्व पिरवादीगण की जमीन म� चांदी, सोना, हीरा, प�ना, मिणधारी सपर् आिद िभ�न िभ�न गहराई म� बताये, िजनको िनकालने के िलये चार लाख अ�सी हजार �पये ्ऺित घंटा के िहसाब से बताये और यह काम करने म� 10-12 घंटे लगना बताया। पिरवादीगण ने गण को तीस लाख �पये शंकर सपना के िनवास �थान अिभयु्व पर िदये िफर उसके बाद सतरह लाख �पये कुल स�तालीस लाख �पये अिभयु्व गण को िदये। धरतीिसंह ने पिरवादी को कु�हाडी, लढढ, ब�दूक� से धमकाया, आिद पर कायर्वाही पुिलस अंिकत कर अनुसंधान ्ऺारंभ िकया। अनुसंधान से अिभयु्व ा के िव�्ष धारा 420, 406, 384, 386, 388, 389, 323, 341, 120 बी भा.द.सं. ्ऺमािणत ा का पित शंकरलाल मीणा अभी फरार पाया है। ्ऺाथर् अिभयु्व है। अिभयु्व गण के साथ िमलकर अिभयु्व ा ्षारा िजस ्ऺकार से आपरािधक षडयं्ऴ कर पिरवादीगण से स�तालीस लाख �पये की रािश छल से ्ऺा� की है तथा उसके प�ात भी �टा�प आिद गण के आशय िलखवाये जाने का जो कृ�य िकया है वह अिभयु्व को दिशर्त करता है। सहअिभयु्व गण का आपरािधक िरकाडर् है। ा को केवल इस आधार पर िक उसके चार ब�चे ह�, अिभयु्व जमानत का लाभ िदया जाना �यायसंगत नहीं पाया जाता है।