Ashutosh Dwivedi v. Aditi Dwivedi
Case brief
What is this about?
अभियोगी की शुद्धिपत्री असत्य एवं भ्रामक होने का आरोप लगाकर प्रथम विधिक दृष्टि मजिस्ट्रेट के दाखिले का संज्ञान लेने का आदेश पर चुनौती। न्यायालय ने पाया कि दोनों न्यायालयों के आदेश धारा 379 BNSS की प्रक्रिया का पालन किए बिना पारित किए गए, अतः दोनों आदेश निरस्त किए।