"जि�सके आधार पर वादीगण द्वारा वाद पत्र दिदनांक 29.05.2004 गाटा संख्या - 277/0.235 हे० , 124/0.190 हे० , 176/0.126 हे० , 128/1.708 हे० , 138/0.443 हे० , 175/0.139 हे० , 159/0.672 हे० , 278/0.076 हे० , 263/0.022 हे० , 127/0.696 हे० , 130/0.013 हे० , 174/0.830 हे० , 276/0.061 हे० जि�सके पुराने नम्बर 102/7-5-0, 97/1-2-7, 112/3-1-0, 238/0-4-0, 239/0-3-0, 233/8-17-0, 232/3-19-9, 123/5-7-0, 110/0-4-0, 230/0-15-0, 231/1-1-0, 229/0-3-0, 294/0-2-0, 293/0-1-0, 302/304/2-1-17 पर �०दिव०अधिध० के पूव! से वादीगणों के बु�ुग# का कब्�ा चला आने तथा उन पर लगे पेड़ों पर वादीगण का कब्�ा स्वीकार दिकए �ाने के कारण वादीय भूदि. पर ग्रा. सभा का ना. खारिर� कर वादीगणों का ना. द�! दिकए �ाने का अनुरोध दिकया गया। वादीगण द्वारा वाद पत्र .ें दर्श ा !ए गए गाटा संख्या - 128, गाटा संख्या -175 �ो०चक आकार पत्र 45 .ें श्रेणी 6(1) की �ल.ग्न भूदि. तालाब के रूप .ें द�! है �ो दिक सुरधि;त भूदि. की श्रेणी .ें आता है। वाद .ें उजि<खिखत गाटा संख्या -278 �ो०चक आकार पत्र 45 .े श्रेणी 6(2) .ें होली का स्थान के रूप .े द�! है तथा वाद पत्र ने उजि<खिखत गाटा संख्या 124 व गाटा संख्या -176 �ो चक आकार पत्र 45 .े श्रेणी 6 (3) .ें श्.र्श ा न के रूप .ें है। इसके अधितरिरक्त पत्रावली .ें उपलब्ध खतौनी फसली , वर्ष! 1410-1415 .ें गाटा -277 नवीन परती के रूप .ें तथा गाटा संख्या -159 खखिलहान के रूप तथा गाटा -263 .ें चक.ाग! के रूप .ें द�! है। इसके अधितरिरक्त गाटा संख्या -276 .ुख्य .ाग! के रूप .ें द�! है। वादीगणों द्वारा अधिधकांर्शा जि�न गाटो पर अपना दावा प्रस्तुत दिकया गया वह सभी या तो सुरधि;त भूदि. है जि�सपर कभी भी दिकसी व्यदिक्त के संक्र.णीय भूदि.धर के अधिधकार परिरपक्व नहीं हो सकते है। इसके अधितरिरक्त यह भी स्पष्ट है दिक बं�र �ोत नही है और यह गांव सभा .ें दिनदिहत होती है ऐसी भूदि. .ें प्रधितकूल कब्�े के द्वारा कोई