कको हली मत्राधिरि-चकोद व बहनचकोद एवसं भदली-भदली गत्राधलययों दपेतपे हहए कहनपे लगपे वक सत्रालपे अपनपे गहनपे व वपयसंकत्रा कको भदल जत्राओ औरि ददबत् र ात्रा यहत्राहाँ मत आतत्रा। हम लकोगयों कत्रा यहली पपेशत्रा हहै। अपनली बहन वपयसंकत्रा कको खडत्रा करि तदम जहैसपे सलीधिपे-सत्रादपे पहैसपे बत्रालपे लडकयों कको झदठपे पपेम जत्राल मम फफॅसत्राकरि उनसपे रुपयपे ऐसंठतपे हह औरि उन्हम फजर्जी मदकदमयों मम फसंसत्रानपे ककी धिमककी दपेकरि उनकत्रा आधथरक दकोहन करितपे हह। उक बत्रातम सदनकरि पररिवत्रादली अवत्राक रिह गयत्रा औरि जब वपयसंकत्रा व उसकपे पररिवत् र ा वत्रालयों कपे ववषय मम जत्रानकत् र ाली पत्राप्त वकयत्रा तको उसपे जत्रानकत् र ाली हहई वक वपयसंकत्रा व उसकपे भत्राई लकोग धिकोखपेबत्राज व ठग वकस्म कपे व्यवक हह वपे पररिवत्रादली जहैसपे कई लकोगयों कको अपनपे ठगली कत्रा वशकत् र ा बनत्रा चदकपे हह, उनकत्रा यहली पपेशत्रा हहै। पररिवत्रादली मदकदमत्रा नपे अपनपे बयत्रान अन्तगरत धित् र ात्रा 200 द०प०ससं० मम कथन वकयत्रा गयत्रा हहै वक ववपक्षिलीगण मपेरिली पत्नली व उसकपे पररिवत् र ाली हहै। ववपक्षिलीगण नपे मदझपे हनली टटहैप मम फसंसत्राकरि धिकोखपे सपे शत्रादली ककी। वदनत्रासंक 29.04.2021 कको मपेरिपे वबनत्रा बतत्रायपे मपेरिली पत्नली घरि सपे चलली गयली। चत् र ा भत्राई आयपे थपे, बहत्रानपे सपे लपे गयपे। घरि सपे सहैट सकोनपे कत्रा, चहैन सकोनपे ककी, लत्रासंग सहैट, कमरिबसंद, असंगदठली, नथ, मत्रासंग टलीकत्रा, वगहै०- लपेकरि चलली गयली। यह सब मपेरित्रा खरिलीदत्रा हहआ समत्रान हहै। मपेरिली पत्नली यपे सब चदरित्रा करि लपे गयली हहै। मह कदछ वदन बत्राद ववदत्रायली करित्रानपे गयत्रा तको उसकपे भत्राई मदझपे भदली-भदली गत्राधलयत्रासं दपेनपे लगपे चलीजयों कको भदल जत्राओसं, ऐसत्रा कहकरि जत्रान सपे मत् र ानपे ककी धिमककी दली औरि कहत्रा वक हम तको ऐसत्रा हली करितपे हह। मह वत्रावपस आयत्रा, सत्रामत्राधजक पयत्रास वकयत्रा परि कदछ नहहीं हहआ। मदझपे मदकदमत्रा वत्रावपस लपेनपे कको धिमकत्रा रिहपे हह। मपेरिपे ऊपरि पत्नली नपे मत् र ा-पलीट कत्रा झदठत्रा बयत्रान तस्दलीक वकयत्रा।