Smt.Memuna Bewa v. State and Anr.
Case brief
What is this about?
उ च यायालय पीठ, जयपुर आदेश एकलपीठ दांिडक…
What the court decided
राज�थान उ�च �यायालय पीठ, जयपुर
आदेश
एकलपीठ दांिडक िनगरानी यािचका संख्या 88/2009 �ीमती मैमूना बनाम राज�थान रा�य व अ�य
िदनांक – 11.5.2015
माननीय �यायािधपित �ी महेश च�्श शमा
सवर् �ी मुकेश कुमार सैनी एवं मोहनिसंह चौधरी, अिधव्व ागण ्ऺािथर्या। �ी राजे�्शिसंह शेखावत, लोक अिभयोजक। �ी आिद�य माथुर, अिधव्व ा िवप्षी संख्या 2.
ािथर्या की ओर से यह दांिडक िनगरानी यािचका अ�तगर्त धारा 397 सपिठत धारा 401 द�ड ्ऺि्वया संिहता ्ऺ�तुत की गयी है।्ऺ
ािथर्या के िव्षान ्ऺािथर्या की ओर से ्ऺ�तुत इस दांिडक िनगरानी यािचका को इस �वतं्ऴता के साथ वािपस लेने की अनुमित चाहते ह� यिद िवचारण पूणर् नहीं हुआ हो तो ्ऺािथर्या को धारा 319 द�ड ्ऺि्वया संिहता का्ऺ ाथर्नाप्ऴ ्ऺ�तुत करने की �वतं्ऴता ्ऺदान करते हुए उसके ऐसे ्ऺाथर्नाप्ऴ का िन�तारण िनयमानुसार िकये जाने का िनद�श िवचारण �यायालय को िदया जावे। ्ऺािथर्या के िव्षान अिधव्व ा को ्ऺािथर्या की ओर से ्ऺ�तुत इस दांिडक िनगरानी यािचका को वािपस लेने की अनुमित ्ऺदान की जाती है।्ऺ ािथर्या की ओर से ्ऺ�तुत यह दांिडक िनगरानी यािचका वािपस िलये जाने के आधार पर िनर�त की जाती है। मामले म� िवचारण पूणर् नहीं हुआ तो तो ्ऺािथर्या िवचारण �यायालय के सम्ष ्ऺाथर्नाप्ऴ अ�तगर्त धारा 319 द�ड्ऺ
ि्वया संिहता ्ऺ�तुत करने के िलये �वतं्ऴ रहेगी एवं उसके ऐसे ्ऺाथर्नाप्ऴ पेश करने पर िवचारण �यायालय उसका िन�तारण िनयमानुसार करे।
Coram
माolutionsयसधिपत महेश चश शम
Case details
As recorded by the court registry
- Court
- Rajasthan HC
- Decided on
- · May
- Registered
- Case no.
- CRLR/88/2009
Similar cases
Judgements on the same questions, provisions and authorities, from every court