प्ऴावली पर आई सा�य म� सा्षी ए.ड��यु.1 रामदयाल के कथन� म� यह सा�य आई है िक वह िदनांक 27.3.2007 को बीिमत वाहन आरजे 08 जी-0778 म� मृतक सुरे�्श जनरेटर व इलेिक ् क गमल� को लेकर लाखेरी से वापस केशोरायपाटन आ रहा था। सुरे�्श मेरा पु्ऴ है उसकी दुघर्टना म� मृ�यु हो गई। उसने अपने बयान� म� यह भी कथन िकया है िक मेरे ब�चे को माल का �वामी हुकुमच�द लेकर गया था। उसने दुघर्टना म� अपने पु्ऴ की मृ�यु हो जाने से पिरवार का उजड़ जाना, असमय पु्ऴ के सहयोग, �यार व दुलार, आजीिवका, बुढ़ापे का सहारा िछन जाने का कथन िकया है एवं अपने पु्ऴ का त�समय 5000/- �पये कमाना अंिकत कराया है। िक�तु िजरह म� उसने यह �वीकार िकया है िक मेरे ब�चे की उ्ा 14 साल थी, पढने �कूल नहीं जाता था। उसने िजरह म� यह भी �वीकार िकया है िक मेरे लड़के की कार आय, �यवसाय, आयु का कोई ्ऺ माणप्ऴ पेश नहीं िकया है। इसी ्ऺ ए.ड��यु.2 रामिकशन ने यह कथन िकया है िक िदनांक 27.3.2007 को वाहन संख्या आरजे 08 जी-0778 म� अपने माल के साथ फूल� के टोकर� के साथ के बैठकर लाखेरी से वापस केशोरायपाटन आ रहा था। कापरेन थाना ्षे्ऴ आजंदा मोड के पास आम रोड पर उ्व वाहन के चालक अ्ऺाथर् संख्या 1 ने काफी तेज र�तार, गफलत व लापरवाही से चलाकर दुघर्टना कािरत कर दी, िजससे उसे चोट� आई। उसने दुघर्टना के कारण बांये पैर की जांघ म� क�पाउ�ड ्ऻे क्चर होना, पूरे चेहरे पर कई चोट� आना व दांये पैर व िसर म� चोट� आना कथन िकया है एवं िदनांक 27.3.2007 से 10.4.2007 तक अ�पताल म� भतर् रहने का भी कथन िकया है। सा्षी ए.ड��यु.3 उमाशंकर