Ram Bux Singh and Ors. v. State of Rajasthan through Pp.
Case brief
What is this about?
न्यायालय पीठ, जयपुर आदशे एकलपीठ दांिडक िविवध…
What the court decided
1
राजस्थान उ्च न्यायालय पीठ, जयपुर
आदशे
एकलपीठ दांिडक िविवध यािचका संख्या 2456/2011 रामबक्शिसह व अन्य बनाम स्टेट आफ राजस्थान
िदनाक ं – 12.4.2014
माननीय नयायािधपित र् ी महॿ ेश चनर् शमा९
रॿी एस.सी.गु�ा, अिधव्व ा र९ाथ�गण। रॿी वीरेन्र९ गोदारा, लोक अिभयोजक।
रॿी मुकेश कुमार सैनी, अिधव्व ा िवप्षी।
र९ाथ�गण की ओर से यह दांिडक िविवध यािचका अन्तगर्त धारा 482 दण्ड र९िरढ़या संिहता र९स्तुत की गयी है, िजसके माध्यम से अितिर्व मुख्य न्याियक मिजस्रय़ेट, दांता रामगढ़ के न्यायालय म� लंिबत दािण्डक र९करण संख्या 29/2000 की कायर्वाही को अपास्त िकये जाने की र९ाथर्ना की गयी है।
र९ाथ�गण के िव�ान अिधव्व ा का कथन है िक धारा 323, 341 भारतीय दण्ड संिहता का मामला है और िवचारण की कायर्वाही लगभग 14-15 साल से िवचाराधीन है।
मैन� उभयप्ष के िव�ान अिधव्व ागण को सुना। पर७ावली पर उपलब्ध सामरय़ी का ध्यानपूवर्क अवलोकन िकया।
Issues for consideration
1 issue framed by the court
Whether the petitioners are entitled to quash the pending criminal proceedings under Section 482 CrPC due to prolonged adjournment.
Parties & counsel
- petitioner
खमि योश्ियर अहमद सरन ला
- respondent
राजस्थान
Coram
महेश चन्द्र शमा
Case details
As recorded by the court registry
- Court
- Rajasthan HC
- Decided on
- · April
- Registered
- Case no.
- CRLMP/2456/2011
Similar cases
Judgements on the same questions, provisions and authorities, from every court