Satya Prakash Gupta v. Tanmay Kumar and Others
Case brief
What is this about?
न्यायालय जयपुर पीठ , जयपुर। आ द ेश…
न्यायालय जयपुर पीठ , जयपुर। आ द ेश…
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राजस ् थान उ् च न ् यायालय जयपुर पीठ , जयपुर।
आ दे श
सत्यर९काश गु�ा बनाम तन्मय कुमार वगैरा (एकलपीठ िसिवल अवमानना यािचका संख्या-333/2011) अन्तगर्त (एकलपीठ िसिवल िरट यािचका संख्या-5757/2000)
10.05.2012
माननीय न ् यायािधपित र ॿ ी महेश चन ् र ९ शमार
रॿी िहम्मत िसह, अिधव्व ा वास्ते र९ाथ�। रॿी एल.एन.बॉस, अितिर्व राज.अिधव्व ा वास्ते र९ितप्षी/कन्टेमनरस।
रॿी एल.एन.बॉस, अितिर्व राज.अिधव्व ा ने सशपथ कथन िकया है िक र९ितप्ष /कन्टेमनरस �ारा इस न्यायालय �ारा पािरत र९�गत आदेश की पूण र ्प से पालना कर दी गई और इस अवमानना यािचका म� कुछ भी शेष नह� रह जाता।र९ितप्षी/कन्टेमनरस को िनद�श िदया जाता है िक वह पालना आदेश की र९ित सात िदवस म� िव�ान अिधव्व ा र९ाथ� को उपलब्ध कराय�गे।
पिरणामत: यह अवमानना यािचका िनरस्त की जाती है। र९ितप्षीगण को जारी अवमानना यािचका के नोिटस उन्मोिचत िकये जाते ह�, िकन्तु र९ाथ� को यह स्वतंर७ता र९दान की जाती है िक यिद वह यह समझता है िक इस न्यायालय �ारा पािरत आदेश की पूणर् पालना नह� हुई है तो वह पुन: इस न्यायालय के सम्ष अवमानना यािचका संिस्थत करने के िलए स्वतंर७ रहेगा।
एमसीएस.
“All corrections made in the judgment/order have been incorporated in the judgment/order being emailed”
Mahesh Chandra Sharma P.S.
As recorded by the court registry
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