व$D 1955 में बि6>6 हो गया था, इसलिलए मुकदमा 12 व$m के भीतर दायर बिकया Kा6ा चाबिहए था K�बिक मुकदमा व$D 1990 में दायर बिकया गया था, इसलिलए, बिव्ቛा6 ्ቚथम अपीलीय न्यायालय 6े यह बि6ष्क$D बिदया है ्ቚ् संख्या 1 पर बिक बिव्ቛा6 बिवचारण न्यायालय 6े यह अभिभबि6>ाDरिरत कर6े में अवै>ता की है बिक वाद परिरसीमा के भीतर है। बिव्ቛा6 ्ቚथम अपीलीय न्यायालय 6े ्ቚ् संख्या 2 का बि6णDय करते हुए अप6ा बि6ष्क$D बिदया है बिक बिव्ቛा6 बिवचारण न्यायालय 6े ्ቚदशD डी/2 ताबिहर6ामा, वादी और ्ቚቌኌतवादी ्ቅमांक 2 का वाद भूबिम पर कोई अቌኌ>कार 6हीं है, के आ>ार पर बि6ष्क$D दKD कर6े में कोई अवै>ता 6हीं की है, और उन्हों6े इस मु्ቌे पर बि6णDय की पुबिy की है. बिव्ቛा6 ्ቚथम अपीलीय न्यायालय 6े मु्ቌा संख्या 3 का बि6णDय करते हुए अप6े बि6ष्क$D को दKD बिकया है बिक मो. शरीफ को Kमी6 दा6 कर6े का अቌኌ>कार है क्योंबिक मो. शरीफ वाद भूबिम के मालिलक थे, इस ्ቚकार,बिवचारण न्यायालय 6े अप6े ्ቛारा तैयार मु्ቌा संख्या २ तथा ३ का बि6णDय कर6े में ्ቚቌኌत�्ቍ और अवै>ता 6हीं की है. बिव्ቛा6 ्ቚथम अपीलीय न्यायालय 6े मु्ቌा संख्या 6 को छोड़कर बिवचारण न्यायालय ्ቛारा दKD बिकए गए बि6ष्क$D की पुबिy करते हुए अप6ा बि6ष्क$D बिदया है बिक बिव्ቛा6 बिवचारण न्यायालय 6े मु्ቌा संख्या 4 के सं�ं> में वादी के प� में बि6ष्क$D बिदया है लेबिक6 अभिभयो्ሹा मो. �शीर 6े जिसबिवल वाद 6ं. ७९ ए/७२ में बिवचारण न्यायालय ्ቛारा पारिरत बि6णDय तथा ቌኌड्ቅी को अकृत तथा शून्य घोबि$त कर6े के लिलए वाद दKD 6हीं बिकया है, इसलिलए, बिवचारण न्यायालय ्ቛारा दKD बिकए गए बि6ष्क$D और मु्ቌा संख्या 4 के सं�ं> में बि6णDय को देखते हुए संपूणD ቌኌड्ቅी शून्य 6हीं होगी, इसे बि6णDय के रूप में मा6ा Kाता है और जिसबिवल वाद संख्या 79A/72 में 23.08.1973 को लिलया गया बि6णDय वादी और ्ቚቌኌतवादी मो. क़दर पर ्ቚभावही6 होगा। बिव्ቛा6 ्ቚथम अपीलीय न्यायालय 6े मु्ቌा संख्या 6 के सं�ं> में बिवचारण न्यायालय ्ቛारा दKD बिकए गए बि6ष्क$D को र्ቌ करते हुए वादी ्ቛारा दायर अपील को खारिरK कर बिदया है और ्ቚቌኌतवादी ्ቅमांक 1 ्ቛारा दायर आपलि्ቈ को आंभिशक रूप से यह कहते हुए स्वीकार बिकया गया है बिक वाद परिरसीमा ्ቛारा वቌኌKत है. ्ቚथम अपीलीय न्यायालय ्ቛ