भविन सिवं० 145, मखचनयया मयोहयाल, सिदर बयाजयार, लखनऊ ककी स्वियाचमनश्री हवै। उक भविन मम भभूरल पर उसिकके पचर एक चमठयाई ककी द क यान चिलयारके रके। चविपकश्री सिवं० 5 कके पचर ककी ममृत्यक चदनयावंक 03.12.2021 कयो हयो गई। चविपकश्री सिवं० 5 कके पकत सिनौरभ गकपया (ययाचचिकयाकरयार्ता सिवं० 2) ररया उनककी पत्नश्री सिचविरया गकपया (ययाचचिकयाकरयार्ता सिवं० 1) इसिश्री भविन सिवं० 145 मम रहरके रके और उसिकके दभूसिरके पकत सिवंजय गकपया एविवं उनककी पत्नश्री कवंचिन गकपया एक अन्य भविन सिवं० 149 मखचनयया मयोहयाल, सिदर बयाजयार, लखनऊ मम रहरके हह , धजसिकके स्वियामश्री चविपकश्री सिवं० 5 कके पचर रके ररया सिवंजय गकपया नके उक मकयान कके सिवंबवंधि मम एक विसिश्रीयर अपनके नयाम करविया लश्री रश्री। चविपकश्री सिवं० 5 नके चशकयायर मम यह कहया चक ययाचचिकयाकरयार्ता सिवं० 2 नके मकयान कके भभूरल पर सस्रर द क यान पर कब्जया कर धलयया हवै। उसिकके दयोननों पकतनों एविवं दयोननों पकत-विधिकओवं नके मभूल्यवियान चिल सिवंपधत्त अपनके कब्जके मम कर लश्री हवै। चदनयावंक 16.12.2021 कयो उसिनके सिमयाचियार-पत मम यह प्रकयाचशर करविया चदयया रया चक मह अपनके दयोननों पकतनों एविवं दयोननों पकत-विधिकओवं कयो अपनश्री सिवंपधत्त सिके बकेदखल कर चदयया हवै। प्रयारर्तानया -पत दयारया चविपकश्री सिवं० 5 नके अपनके दयोननों पकतनों एविवं दयोननों पकत -विधिकओवं कयो प्रश्नगर सिवंपधत्त सिके बकेदखल करनके ककी प्रयारर्तानया ककी , चकवंरक उसिनके दभूसिरके पकत सिवंजय गकपया ररया उसिककी पत्नश्री कवंचिन गकपया कयो पररवियार मम पककयार नहहीं बनयायया। 4. मयारया-चपरया एविवं विररष्ठ नयागररक भरण -पयोषण एविवं कल्ययाण अधधिचनयम, 2007 ककी धियारया 4 मम ऐसिके मयारया-चपरया कयो प्रयारर्तानया दकेनके कया अधधिकयार हवै जयो अपनके अजर्तान यया अपनके स्वियाचमत्वि ककी सिवंपधत्त सिके अपनया भरण -पयोषण करनके मम असिमरर्ता हह, चकवंरक पररवियाद मम चविपकश्री सिवं० 5 नके ऐसिया करन नहहीं चकयया हवै चक