इसकले अदतररिक्त ललूट कले सअंबअंध मम पररिवमाददिननी एवअं पररिवमादिनी समादक्षिययों दमारिमा चहैन , ककण्डल एवअं 18,000/-रूपयले कशो ललूटनले कमा कथन दकयमा हहै इसकले सअंबन्ध मम कशोई भिनी दिसतमावलेजनी समाक्ष्य प्रसकत नहहीं दकयमा हहै। इस सअंबन्ध मम यह भिनी उललेखननीय हहै दक पररिवमाददिननी एवअं पररिवमादिनी समादक्षिययों दमारिमा ऐसमा कशोई भिनी कथन नहहीं दकयमा रयमा हहै दक जजससले दवपक्षिनीरण कमा आशय ललूट कमाररित करिनले कमा रिहमा हशो। चलूअंदक थमानले ककी आख्यमा कले अनकसमारि दवपक्षिनीरण सले पररिवमाददिननी कमा पलूवर मम दववमादि रिहमा हहै। अततः जमान पहचमान वमालले व्यदक्तययों दमारिमा दबनमा अपननी पहचमान छकपमायले ललूट कमाररित करिनले कमा कथन प्रथम दृष्टयमा दवश्वसननीय प्रतनीत नहहीं हशो रिहमा हहै। अततः पररिवमाददिननी एवअं पररिवमादिनी समादक्षिययों कले जलजखत पररिवमादि मम दकयले रयले कथनयों एवअं बयमान अअंतररत धमारिमा 200 दिअं० प्र० सअं० एवअं बयमान अअंतररत धमारिमा 202 दिअं० 147, 148, 452, प्र०सअं० सले अदभिय क दववलेक शममार कले दवरदु ्ध अअंतररत धमरा िमा 323, 504 भिम० दा िअं० सअं० एवअं अदभिय क रण रिमहा हल शममार औरि शशदभो ित कले दवरदु 147, 452, 323, 504 .एस. अअंतररत धमरा िमा भिमा० दिअं० सअं० एवअं पन लवमदनयमा औरा 147, 323, 504 दवजयदित्त शममार कले दवरूद्ध अअंतररत धमरा िमा भिमा० दिअं० सअं० क अन्तररत दिण्डननय अपरी िमध पा थम द्र षृ ्टयम पा तन्र त हशी तमो हा ।है