Amit Kumar Urf Titu v. State of Rajasthan through Pp
Case brief
What is this about?
उ च यायालय पीठ, जयपुर आदेश एकलपीठ दांिडक…
उ च यायालय पीठ, जयपुर आदेश एकलपीठ दांिडक…
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राज� थान उ� च � यायालय पीठ, जयपुर
आदेश
एकलपीठ दांिडक िविवध ि्षतीय जमानत ्ऺाथर्नाप्ऴ संख् या 12111/2013 अिमतकुमार उफर् टीटू बनाम �टेट आफ राज�थान
िदनांक – 2.1.2014
माननीय � यायािधपित �ी महेशच� ्श शमा
�ी बीरीिसंह िसनिसनवार, विर� अिधवक् ता
मय �ी ्ऺशा�त चाहर, अिधव्व ा ्ऺाथर्। �ी पीयूष कुमार, लोक अिभयोजक। ्ऺ
ाथर् ने यह ि्षतीय जमानत ्ऺाथर्नाप्ऴ धारा 439 द� ड ्ऺि्वया संिहता के तहत ्ऺ� तुत कर जमानत पर � वतं्ऴ िकये जाने की ्ऺाथर्ना की है। ्ऺ
ाथर् के िव्षान विर� अिधवक् ता का तकर् है िक ्ऺाथर् की ओर से पूवर् म� ्ऺ�तुत जमानत ्ऺाथर्नाप्ऴ को वािपस िलये जाने के आधार पर िनर�त िकया गया था एवं मामले म� चालान पेश होने के बाद ्ऺाथर् को िवचारण �यायालय के सम्ष पुन: जमानत ्ऺाथर्नाप्ऴ पेश करने की �वतं्ऴता ्ऺदान की गयी थी। मामले म� चालान पेश होने के बाद ्ऺाथर् की ओर से जमानत्ऺ ाथर्नाप्ऴ पेश िकया गया, िजसे िनर�त कर िदया गया। उनका यह भी तकर् है िक ्ऺाथर् ल�बे समय से �याियक अिभर्षा म� है, मामले म� अनुसंधान पूणर् होकर चालान पेश िकया जा चुका है, ्ऺाथर् को इस मामले म� गलत फंसाया गया है। उनका यह भी तकर् है िक इस मामले के सह-अिभयु्व बलवीरिसंह की जमानत उसके जमानत ्ऺ ाथर्नाप्ऴ संख्या 11723/2013 के अ�तगर्त इस �यायालय की सहपीठ के आदेश िदनांक 26.11.2013 के ्षारा �वीकार कर ली गयी है एवं ्ऺाथर् का ्ऺकरण िभ�न नहीं है। अत: ्ऺाथर् को जमानत पर आजाद िकया जावे।
िव्षान लोक अिभयोजक ने इसका िवरोध िकया।
करण के उभयप्ष के िव्षान अिधवक् तागण को सुनने एवं इस ्ऺ करण के त� य� व पिरि� थितय� का अवलोकन करने के उपरा� त म� ्ऺ गुणावगुण पर कोई राय � यक् त िकये िबना ्ऺ ाथर् को जमानत पर िरहा करना उपयुक् त समझता हूं।
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अत: आदेश िदया जाता है िक यिद ्ऺाथर् अिमत कुमार उफर् टीटू पु्ऴ ग�भीरिसंह �पये 1,00,000/- का � वयं का बंधप्ऴ एवं एक-एक लाख �पये की रािश की दो ्ऺ ितभूित िवचारण � यायालय की संतुि� ट पर पेश कर त� दीक करावे िक वह िवचारण के दौरान िवचारण � यायालय के सम्ष उपि� थत होता रहेगा तो ्ऺथम सूचना िरपोटर् संख् या 439/2013 पुिलस थाना कोतवाली भरतपुर से संबंिधत ्ऺकरण म� उसे जमानत पर िरहा कर िदया जावे। यिद ्ऺाथर् जमानत पर िरहा होने के उपरा� त िकसी ्ऺकार के अपराध म� िल� त पाया जाता है तो � टेट आफ राज� थान को उसकी जमानत िनर� त कराने हेतु िनयमानुसार ्ऺाथर्नाप्ऴ ्ऺ� तुत करने का अिधकार होगा।
महेशच� ्श शमार् � यायािधपित
सुरेश
All corrections made in the judgment /order have been incorporated in the judgment /order being E-mailed.
SK Sharma PS
1 provisions across 1 enactments
DK Dharmadatta Tigote
State of Rajasthan
Mahesh Chandra Sharma
As recorded by the court registry
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