Raju @ Raj Kumar v. State
Case brief
What is this about?
उच्च न्यायालय जयपुर पथ की एकल पटिक में, न्यायालय ने अपर सेशन суд द्वारा निष्पादित आदेश का समीक्षा किया और भारतीय दण्ड संहिता की धारा 482 के under विचाराधीन अपील को निरसित कर दिया।
What the court decided
1
राजस ् थान उ् च न ् यायालय जयपुर पीठ , जयपुर।
आ दे श
राजू उफर् राजकुमार बनाम राजस्थान राज्य व अन्य. (एकलपीठ दािण्डक िविवध यािचका संख्या-900/2007)
01.05.2012
माननीय न ् यायािधपित र ॿ ी महेश चन ् र ९ शमार
रॿी अिनल शुक्ला, अिधव्व ा वास्ते र९ाथ�। रॿी पीयुष कुमार, लोक अिभयोजक वास्ते राज्य।
र९ाथ� �ारा दण्ड र९िरढ़या संिहता की धारा-482 के अन्तगर्त यह दािण्डक िविवध यािचका इस न्यायालय के सम्ष संिस्थत कर अपर सेशन न्यायाधीश रढ़म-2,भरतपुर �ारा पािरत आदेश िदनांक-24.4.2007 तथा न्याियक मिजस्रय़ेट रढ़म-2, भरतपुर �ारा पािरत आदेश िदनांक27.2.2007 को चुनौती दी है िजसके �ारा उन्ह�ने र९ाथ� �ारा र९स्तुत र९ाथर्ना पर७ अन्तगर्त धारा-311, दण्ड र९िरढ़या संिहता को िनरस्त िकया है।
उभय प्ष के िव�ान अिधव्व ागण को सुना गया। पर७ावली पर उपलब्ध सामरय़ी तथा आ्षेिपत आदेश का गहनता पूवर्क अनुशीलन िकया गया।
दोन� अधीनस्थ न्यायालय� ने अिभलेख पर आई सा�य को िवस्तार पूवर्क िववेिचत एवं िव�ेिषत करते हुए आ्षेिपत िनष्कषर् िनकालते हुए आ्षेिपत आदेश पािरत िकये ह� िजनम� हस्त्षेप िकये जाने का कोई यथोिचत आधार र९तीत नह� होता। इस दािण्डक िविवध यािचका म� कोई बल र९तीत नह� होता।
Issues for consideration
1 issue framed by the court
भारतीय दण्ड संहिता की धारा 482 की तफ़सील पर विचाराधीन अपील को कैसे निरसित किया जाए।
Parties & counsel
- petitioner
राजू उफर राइकुमार बांम
- respondent
सूचना
Coram
मनीष चन्दर शेखर
Case details
As recorded by the court registry
- Court
- Rajasthan HC
- Decided on
- · May
- Registered
- Case no.
- CRLMP/900/2007
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