किकेवल पपुनरिदीक्षणकिरवार्ता रिकवन्द्र किके दवारिवा शदीमरदी सयंजजू किके किपडके फवाडनके किकी किकोकशश ककियके जवानके किवा बयवान अकभिकिथथिर ककियवा हह , जको ककि आपस मम परिस्परि कवरिकोधवाभिवासदी हह। ऐसदी सस्थिकर मम सन्दकेह सके परिम जवानके किके थलए अवरि न्यवायवालय दवारिवा ममौकिके किके सवाक्षदी कवकपन किवा सवाक्ष्य पतवावलदी परि आवश्यकि रूप सके अयंककिर ककियवा जवानवा चवाकहए थिवा , ल क ेकिन अवरि न्यवायवालय दवारिवा उक्त रथ्य किकी नजरिअयंदवाजदी किरिरके हहए आलकोच्य आदकेश पवाररिर फरिमवाकिरि कवथध किकी भिवारिदी भिजूल किवाररिर किकी हह, थजस किवारिण आलकोच्य आदकेश सस्थिरि रिहनके यकोग्य नहदी हह। 7. यह ककि सवाक्षदी सदी०डब्लजू0-1 नके अवरि न्यवायवालय मम दमौरिवानम कववकेचनवा अन्रर र धवारिवा 200 सदी०आरि०पदी०सदी० अकभिकिथथिर ककियवा ककि "मकेरिवा दकेवरि रिवाकिकेश मपुसस्लम बन चपुकिके हह। मपुझके यह किहरवा हह ककि मपुसलमवान बनको। धमकिकी दकेरवा हह। " जबककि सवाक्षदी सदी०डब्लजू 0-2 मपुस्किवान नके अपनके बयवान अन्रर र ्ता धवारिवा 202 सदी०आरि०पदी०सदी० मम अकभिकिथथिर ककियवा ककि "शकोरि शरिवाबवा सपुनकिरि आस पडमौस किके लकोरको किको आरवा दकेख रिवाकिकेश उफर्ता अब्दपुल रिहदीम व रिकवन्द्र कशकिवायर किरिनके परि हमके जवान सके मवारिनके किकी धमकिकी द क ेरि फरिवारि हको रयके " रथिवा सवाक्षदी सदी०डब्लजू० -3 सयंजदीव नके अपनके बयवान अन्र र ्तार धवारिवा 202 सदी०आरि०पदी०सदी० मम अकभिकिथथिर ककियवा ककि "हमनके जब शमौरि मचवायवा रथिवा उन्हम ऐसवा किरिनके सके मनवा ककियवा रको यके लकोर ददीववारि फवायंदकिरि जवान सके मवारिनके किकी धमकिकी दकेरके हहए भिवार रयके"। उक्त परिस्परि कवरिकोधवाभिवासदी बयवान किके आधवारि परि किकी रयदी कववकेचनवा किवा रलर कनष्किरर्ता