लनल महोहर रनय ककी पतहोहह हहै धजिसककी शनदिली लनल महोहर कपे पपुत धिलीरजि रनय सपे हहई हहै। वनदिली ... पहोफपेसर कपे ततौर पर ररटनयर हहो चपुकपे हहै। मह इनकहो धलखतपे पढ़तपे दिपेखन हहै उनककी धलखनवट महै पहचननतन ह ह । उन्हहोनपे बहहत सली दकतनबपे भिली धलखली हहै वनदिली ककी दिहो लड़दकयन ददिलली मम रहतली हहै। हम लहोगहो कहो पतन नहली दक वनदिली रजिदि प ेपुर दिपेहनतली कन मकनन बपेचकर ददिलली जिननन चनहतन हहै। तब ददिनननांक 26.12.2011 कहो मह व जियपकनश रनय वनदिली कपे यहन मकनन ककी बनतचलीत करनपे कपे धलयपे गयन स्थिन 9-10 बजिपे कपे करलीब हम लहोग सनस्थि बहैठकर मकनन ककी बनत दचत कर रहपे स्थिपे और कनगजिनत दिपेख रहपे स्थिपे। उसली समय वहननां लनल महोहर रनय व कमृष्ण कपुमनर एव दवपक्षली रपेवतलीपपुर कपे लहोगहो कहो भिली मह जिननतन ह ह । इन लहोगहो नपे भिली नन्दि कपुमनर रनय सपे मकनन कपे बनवत मम पपूछन एव नन्दि कपुमनर रनय नपे मकनन कहो बपेचनपे ककी बनत बतनयन। तहो यह दिहोनहो आदिमली ननरनजि हहो गयपे स्थिपे। नन्दि कपुमनर सपे गनलली गलतौजि करनपे लगपे नन्दि कपुमनर रनय अपनन लगनयन पहैसन मननांगनपे लगपे तहो कमृष्ण कपुमनर और लनल महोहर नपे नन्दि कपुमनर कहो जिनन सपे मनरनपे ककी धिमककी भिली ददियन और मकनन बपेचनपे सपे मनन दकयन और कहन दक इस पर कपेश चनलयपेगपे। कमृष्ण कपुमनर लनल महोहर, धिलीरजि शलीमतली अचरनन रनय व पभिपूननस्थि तस्थिन हररशनांकर रनय नपे सनधजिश करतपे हहए एक फजिर्थी दिसतनवपेजि तहैयनर दकयन दक उन लहोगहो कन 5 लनख रूपयन नन्दि कपुमनर पर बकनयन हहै धजिसकपे एवजि मम नन्दि कपुमनर नपे मकनन दिपे ददियन हहै। दिसतनवपेजि पर पभिपूननस्थि व हररशनांकर नपे लनल महोहर , कमृष्ण कपुमनर व सनधजिश मम सभिली गवनहली दकयन हहै।